
अष्टदल महोत्सव में रंगमंच की गूंज
दरभंगा के बहुद्देशीय भवन में सजी कला की शाम
दरभंगा में आकाशवाणी के पास स्थित बहुद्देशीय भवन शुक्रवार को रंगमंच की सजीव अभिव्यक्ति का साक्षी बना।
‘अष्टदल’ महोत्सव के सातवें दिन यहां नाटक का मंचन हुआ, जिसने दर्शकों को शुरुआत से अंत तक बांधे रखा।
यह आयोजन द स्पॉटलाइट थिएटर और द स्ट्रगलर्स, पटना की संयुक्त पहल है।
शहर में इस महोत्सव को लेकर उत्साह साफ नजर आया।
परंपरा के साथ आरंभ, अभिनय के साथ विस्तार
कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्वलन से हुआ।
इसके बाद मंच पर कहानी जीवित हो उठी।
बच्चों की प्रस्तुति में सहजता थी।
संवाद स्पष्ट थे।
अभिनय प्रभावी रहा।
मंच पर मौजूद रचनात्मक हस्तियां
इस मौके पर कई अनुभवी रंगकर्मी मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि:
- रविभूषण मुकुल, किलकारी, बिहार बाल भवन
विशिष्ट अतिथि:
- वेद प्रकाश
- प्रकाश बंधु
- श्याम भास्कर
- हेमेंद्र कुमार लाभ
इनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
बाल कलाकारों ने दिखाई परिपक्वता
नाटक में 35 बच्चों ने हिस्सा लिया।
हर किरदार में गहराई दिखी।
किरदार और प्रस्तुति
- अभिनव राजा ने गोनू झा की भूमिका को जीवंत किया
- श्रेयश भारद्वाज ने सूत्रधार के रूप में कथा को जोड़ा
- वैष्णवी ने पत्नी के रूप में संतुलित अभिनय किया
अन्य कलाकारों ने भी सामूहिक रूप से प्रस्तुति को मजबूत बनाया।
“नाटक में बच्चों की तैयारी और अनुशासन स्पष्ट नजर आया।”
निर्देशन में अनुभव और संतुलन
नाटक का निर्देशन रविभूषण मुकुल ने किया।
उनकी पकड़ हर दृश्य में दिखी।
टीम का सहयोग:
- सहायक निर्देशक: कमलेंद्र चक्रपाणि
- प्रस्तुति प्रभारी: अमित कुमार शर्मा
मंच संयोजन सधा हुआ रहा।
सम्मान के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को सम्मानित किया गया।
- स्मृति चिह्न प्रदान किए गए
- प्रशंसा पत्र दिए गए
इससे प्रतिभागियों में आत्मविश्वास बढ़ा।
महोत्सव का अंतिम चरण
संयोजक सागर सिंह ने बताया कि महोत्सव अपने अंतिम पड़ाव पर है।
यह आयोजन आठ दिनों तक चलता है।
विश्व रंगमंच दिवस से हिंदी रंगमंच दिवस तक इसका विस्तार रहता है।
अगली प्रस्तुति
- नाटक: ‘गज, फुट, इंच’
- समय: शाम 06:00 बजे
- प्रस्तुति: द स्ट्रगलर्स, पटना
- निर्देशन: रोशन कुमार
इसी प्रस्तुति के साथ महोत्सव का समापन होगा।
पर्दे के पीछे काम करने वाले चेहरे
कार्यक्रम को सफल बनाने में कई लोगों ने मेहनत की।
- अमन सिंह
- नेहा कुमारी
- हर्षित कुमार
- आर्यन
- विशाल
- किसुन
- संध्या
- नीलेश
- साहिल
दर्शकों की सक्रिय मौजूदगी
कार्यक्रम में शहर के बुद्धिजीवी, मीडियाकर्मी और आम लोग शामिल हुए।
दर्शकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही।
तालियों की गूंज ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
संक्षिप्त विवरण
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | बहुद्देशीय भवन, दरभंगा |
| आयोजन | अष्टदल महोत्सव |
| दिन | सातवां |
| प्रतिभागी | 35 बाल कलाकार |
| प्रमुख नाटक | गोनू झा |
| निर्देशक | रविभूषण मुकुल |





















